तबला भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय ताल वाद्य है, जो संगीत की लय और गति को सजीव बनाता है।
तबला विभाग में विद्यार्थियों को तबला वादन की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा प्रदान की जाती है। इस विभाग में विद्यार्थियों को विभिन्न तालों
जैसे — तीनताल, झपताल, एकताल, दादरा, कहरवा आदि का गहन अभ्यास कराया जाता है। साथ ही उन्हें अलग-अलग बोल, कायदे, रेला,
टुकड़े, परन और चक्रदार जैसी पारंपरिक रचनाओं का ज्ञान भी दिया जाता है।
तबला विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संगीत के प्रति रुचि उत्पन्न करना, उनकी लयबद्ध क्षमता का विकास करना तथा उन्हें कुशल कलाकार के रूप में तैयार करना है।
यहाँ विद्यार्थियों को एकल तबला वादन, शास्त्रीय गायन एवं वादन की संगत, तथा मंच प्रस्तुति का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल विकसित होता है।
विभाग में भारतीय संगीत की परंपराओं, घरानों और महान तबला वादकों के योगदान का भी अध्ययन कराया जाता है। नियमित रियाज़, कार्यशालाओं,
संगीत समारोहों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
तबला विभाग केवल संगीत शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास भी करता है।
यह विभाग भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को संरक्षित और प्रचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करता है।
Courses / Programmes
Presently the Department is offering the following academic programmes:
| Course Name: | Bachelor of Arts [B.A.] |
| Course Level: | Undergraduate |
| Course Category: | Regular |
| Admission Mode: | Merit Based |
| Duration: | 3 Years |
| Exam System: | Semester |
| Managed By: | Faculty of Fine Arts |
| Eligibility Criteria: | 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण |
The Schedule of papers prescribed for B.A. Instrumental Music (Tabla) examination is as follows.